Uttar Pradesh || Allahabad High Court || Atiq Ahmed || Raju Pal : बीएसपी विधायक राजू पाल हत्या के मामले में एक बड़ा और हैरान कर देने वाला विकास हुआ है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने केस के मुख्य आरोपियों में से एक, माफिया अतीक अहमद के करीबी शूटर आबिद प्रधान की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। इस फैसले के बाद आबिद प्रधान के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे पीड़ित परिवार को गहरा झटका लगा है। राजू पाल की पत्नी पूजा पाल सुप्रीम कोर्ट जाएगी पूर्व विधायक राजू पाल की पत्नी और समाजवादी पार्टी की विधायक पूजा पाल ने आबिद प्रधान को मिली जमानत पर नाराजगी जताई है। पूजा पाल ने स्पष्ट किया कि वह इस हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने के लिए देश की सर्वोच्च अदालत, यानी सुप्रीम कोर्ट में जाकर अपनी बात रखेंगी। उन्होंने कहा कि न्याय की इस लड़ाई को वह आखिरी सांस तक जारी रखेंगी। विशेष कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी आपको बता दें कि साल 2005 में हुए इस भयावह हत्या कांड में सीबीआई की विशेष कोर्ट ने पिछले साल एक बड़ा फैसला लिया था। अदालत ने आबिद प्रधान समेत कई आरोपियों को दोषी ठहराया और उन्हें उम्रकैद की कड़ी सजा दी। आबिद प्रधान ने इसी सजा के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट में अपील दायर की थी और जमानत की मांग की। हाई कोर्ट ने बेल देने का फैसला क्यों किया? सुनवाई के दौरान आबिद प्रधान के वकीलों ने यह तर्क दिया कि वह काफी समय से जेल में है और उसकी अपील पर अंतिम निर्णय आने में वक्त लग सकता है। अदालत ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद कुछ शर्तों के साथ आबिद प्रधान की जमानत को मंजूरी दे दी। हालांकि, पीड़ित पक्ष का यह मानना है कि ऐसे खतरनाक अपराधी का बाहर आना गवाहों और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ये भी पढ़े : बेटे को बचाने में गई पिता और चाचा की जान, धसान नदी में समाए दो भाई